बिहार में एसआईआर बड़ी संख्या में वैध मतदाताओं के नाम काटे गए, फ़र्ज़ी मतदाताओं के नाम जोड़े गए : भाकपा माले की जांच रिपोर्ट

भाकपा माले ने गुरुवार, 1 अक्टूबर को आरोप लगाया गया कि बिहार में एसआईआर के दौरान बड़ी संख्या में वैध मतदाताओं के नाम काटे गए और फ़र्ज़ी मतदाताओं के नाम जोड़े गए।

पटना के आईएमए हॉल में आयोजित ‘जनसुनवाई’ में पार्टी के राज्य सचिव कुणाल ने यह आरोप पार्टी की एक जांच रिपोर्ट के हवाले से किया।

उन्होंने कहा कि बिहार के 10 विधानसभा क्षेत्रों – अगिआंव, तरारी, आरा, डुमरांव, पालीगंज, अरवल, घोषी, दरौली, जीरादेई और भोरे में चुनाव परिणाम पर एसआईआर के असर की जांच के उद्देश्य से 10-10 बूथों की जांच की गई है। घर-घर जाकर मतदाता सूची से काटे गए नामों और सूची में जोड़े गए नामों की सत्यता की जांच की गई। जांच से पता चला कि बड़ी संख्या में वैध मतदाताओं के नाम काटे गए हैं और फर्जी मतदाताओं के नाम जोड़े गए हैं। इससे बहुत आसानी से चुनाव परिणाम को बदला जा सकता है। हमारी जांच ने एसआईआर के जरिए वोट चोरी के भाजपाई निहित उद्देश्य की पुष्टि की है। 

जनसुनवाई में उक्त क्षेत्रों से ऐसे लोग पहुंचे जिनका नाम गलत ढंग से काट दिया गया है। कई ऐसे लोग थे जो जीवित हैं लेकिन उन्हें मृत घोषित कर के बिहार विधानसभा में नाम काट दिया गया है।

जनसुनवाई में भाकपा माले ने बिहार के 10 विधानसभा में 102 बूथों पर किए गए सर्वे रिपोर्ट भी प्रस्तुत किया।

जनसुनवाई में कहा गया कि चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है कि वह मतदाता सूची को पारदर्शी और विश्वसनीय बनाए, न कि ऐसी प्रक्रिया खड़ी करे जिसमें सही मतदाता को अपने अधिकार के लिए बार-बार संघर्ष करना पड़े।

जनसुनवाई में जूरी के तौर पर पीयू इतिहास विभाग की पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो भारती एस कुमार, वीकेएसयू आरा के पूर्व कुलपति प्रो रमाशंकर आर्य,पीयूसीएल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पुष्पेंद्र, बिहार विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शकील अहमद खान मौजूद थे।

जनसुनवाई में गवाही के तौर पर भोरे विधानसभा क्षेत्र के सुरेश भगत, राम सुरत चौधरी। 106 जीरादेई विधानसभा क्षेत्र से भगवान साह, रमाशंकर साह, घोसी विधानसभा क्षेत्र से बैजू पंडित एवं कुंदन मांझी,अगियाँव विधानसभा क्षेत्र से सूर्यदेव राम। पालीगंज विधानसभा क्षेत्र से मंटू कुमार, किरण देवी, शिवशंकर यादव, नंदनी देवी, दरौली विधानसभा क्षेत्र से अंबिका  मांझी, घोषी विधानसभा क्षेत्र से कुली कुरैशी।

जनसुनवाई में पार्टी महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा कि हम घर-घर गए और मतदाता सूची में दर्ज नामों का सर्वे किया। 100 बूथों के सर्वे में 36 ऐसे लोग मिले जो जीवित हैं, लेकिन मतदाता सूची से उनका नाम गायब है। यदि यही अनुपात 70 लाख मतदाताओं पर लागू करें तो करीब 14 लाख लोग प्रभावित होंगे।

उन्होंने कहा कि आज खतरा सिर्फ वोट का नहीं है। वोट के साथ-साथ मतदाताओं के आधार, राशन और दूसरे नागरिक अधिकार भी प्रभावित हो रहे हैं।

(विशद कुमार वरिष्ठ पत्रकार हैं।)

Leave a Reply